India in year 2013

सन 2013  ई .में चन्द्र पौष  मास ( 1जन .से 27 जन .) के मध्य पाँच शनि एव पाँच रविवार होने से अनाज आदि  दैनिक उपभोग की वस्तुओं के मूल्यो में ज़बरदस्त तेज़ी होने से लोगो में क्रोध ,भय एवं अशान्ति बढ़ेगी ! कुछ स्थलों पर लोगो में क्लिष्ट ( पेचीदा ) प्रकार के रोगों की व्याप्ति होगी ! जन -आंदोलन , उपद्रव ,साम्प्रदायिक दंगे एवं हिंसक घटनाए अधिक होगी !

सन 2013 ई . के वर्षारम्भ से वर्षान्त तक शनि (जोकि भारत की प्रभाव राशि मकर का राशि स्वामी भी है ) एवं राहु का योग बना रहेगा ! जिसके प्रभाव स्वरुप भारत में राजनैतिक समीकरणों में विशेष परिवर्तन देखने को मिलेगे ! कही उपद्रव हिंसक घटनाए एवं युद्ध जैसे हालात बनेंगे।

फाल्गुण मास (26 फर .से 27 मार्च ) में पाँच मंगलवार होने से देश के कुछ भागों में उपद्रव , साम्प्रदायिक टकराव ,अग्निकाण्ड, राजनैतिक टकराव एवं हिंसक घटनाए होने के संकेत है ! केन्द्रीय राजनीति  में महत्वपूर्ण परिवर्तन होने के योग है ! देश के प्रमुख नेतृत्व के लिए अशुभ  , अपदस्थ होने के योग है !

आगे चन्द्र चेत्र मास (28 मार्च से 25 अप्रैल ) में पाँच बृहस्पति  (गुरु ) वार होने से देश के कुछ भागों जैसे  - असम ,कश्मीर ,उत्तरप्रदेश ,पूर्वोत्तरी-उड़ीसा ,गुजरात ,आदि प्रदेशो में उपद्रव ,आतंक एवं हिंसा की घटनाए होने के संकेत है ! देश में भ्रष्टाचार ,मुनाफ़ाखोरी एवम अत्यन्त मंहगाई केविरुद्ध ज़बरदस्त जन -आंदोलन चलेंगे  जिनका सरकारी तंत्र पर स्पष्ट प्रभाव दिखलाई देगा . सीरिया , पशिचमी एवं यूरोपीय देशो में भी कही आतंकी एवं विस्फोटक घटनाए घटित होने के योग है !

13 अप्रैल को वैशाख संक्रांति ,शनिवार को होने से सर्वप्रकार के अनाज बहुत मंहगे होंगे ! लोगों में विशिष्ट प्रकार के रोग होंगे ! राजनेताओ और लोगों के मध्य टकराव हो तथा कही दुर्भिक्ष एवं युद्ध जैसी स्थितिया बनेगी !

25 अप्रैल को खण्ड चंद्रग्रहण होने से खाधान्न में तेज़ीकारक होगा !
28 अप्रैल से 4 मई तक मेष राशि पर सूर्य -बुध ,मंगल  -केतु आदि का पंचग्रही योग , तदन्तर 5 मई से 12 मई तक इस राशि पर चार ग्रही बनाने से देश में अनेक स्थानों अर्थात प्रदेशो एवं यू .पी .ए एवं सत्तारुढ़ प्रमुख नेता के लिए अशुभ फलकारी होगा . देश को अनेक प्रकार से आन्तरिक एवं वाह्य  शत्रुओ का भय होगा ! 12 अप्रैल से 22 मई के बीच शनि -मंगल ग्रहों के मध्य समसप्तक योग बना हुआ है !

14 मई से 27 मई के मध्य वृष राशि पर पुन : चतुर्ग्रही योंग घटित होगा ! इस कालावधि में राजनितिक हालात अस्थिर एवं संघर्षपूर्णहोगे ! देश की अधिकांश विकास योजनओं की गति धीमी रहेगी !

चन्द्र ज्येष्ठ मास (26 मई से 23 जून ) में पाँच रविवार होने से देश में कही अनाज की कमी हो , अत्यधिक मंहगाई व अकाल जेसी स्थिति बनेगी  ! कही छत्र भंग (सत्ता परिवर्तन ) के संकेत मिलते है ! अनिशचितताओ के कारण लोगो में भय व आतंक रहेगा .

13 अप्रैल से 22 मई तक शनि -मंगल के मध्य समसप्तक योग तथा 23 मई से 4 जुलाई तक शनि -मंगल षडाषटक योग होने से देश के कुछ प्रदेश जेसे -उ .प्र ,मध्य प्रदेश ,विहार -उड़ीसा ,असम ,जम्मू -कश्मीर ,आदि के सीमावर्ती प्रदेशो में उपद्रव ,हिंसक एवं विस्फोटक घटनाये होने के संकेत है!
जून के प्रारंभ से ही गुरू आतिचारी गाति से मिथुन राशि में प्रविष्ट हो चुका है ! जबकि शनि से तुला राशि में वक्री अवस्था संचार कर रहा है !फलस्वरूप जून -जुलाई में अतिवर्षा के कारण कही बाढ़ आदि से जन -धन -धान्य आदि की क्षति होगी ! कही कम वर्षा से दुर्भिक्ष एवं अनाज कीकमी होगी ! सत्तारुढ प्रमुख नेता के लिये हानिकारक होगा ! मंत्रिमंडल में परिवर्तन के योग है ! सीमावर्ती पर युद्ध भय एवं विस्फोटक घटनाये घटित होने के संकेत है .


श्रवण मास (23 जुलाई से 31 अगस्त ) में पुन : पाँच मंगलवार होने से सामाजिक व राजनेतिक वातावरण के लिए शुभ नही ! किसी प्रमुख नेता के अपदस्य या अकस्मिक मृत्यु अथवा सत्ता परिवर्तन के योग है ! मंगलवारी अमावस ( 6 अगस्त ) का फल भी शुभ नही -
"राज्य भ्रंशो राजयुद्ध क्लेशाना च पर्वर्दनम " राजनैतिक रूप से अनिशचता की स्थिति बनेगी !


18 अगस्त से 4 अक्टुवर के मध्य मंगल कर्क ( नीच ) राशि में आकर शनि के साथ पारस्परिक (4-10) दृष्टी रहेगी !कर्क राशि में मंगल होने से सब प्रकार के अनाज मंहगे होगे ! गाय ,भेंस ,पशुचारा ,ईख आदि महँगे होगे ! मंगल की शनि पर शत्रु दृष्टी होने सेचीन ,पाकिस्तान ,आदि पडोसी देशो के साथ टकराव एवं संबंधो में तनाव पैदा होंगे ! सीमाओ पर शत्रु -सेनिको की गतिविधिया बढ़ेगी ! सत्तारूढ़ प्रमुख नेतृत्व के लिए यह समयविधि विशेष चिंतनीय होगी !

17 अक्टूबर को सूर्य तुला के प्रविष्ट होकर शनि व राहु के साथ मेल करेगा ! ऐसा योग आगमी फसलों के लिए हानिकारक होगा ! किसी प्रदेश में अनाजादी कमी के कारण दुर्भिक्ष की स्थिति बनेगी ! धन्यादि अभावो के कारण गरीबी बढ़ेगी ! इससे पूर्व संग्रह किए गए खाधान्न धन्यादि काcसमुचित संग्रह करना लाभदायक होगा ! ज्योतिष्यो के लिए भी यह योग लाभदायक होगा -

चा . कार्तिक मास ( 19 अक्टूबर से 17 नवम्बर तक ) में में पाँच शनिवार एवं 5 रविवार का समावेश होने से लोगो में विचित्र प्रकार के रोग प्रकट होगे ! कही उपद्रव ,जन -आन्दोलन साम्प्रदायिक दंगे एवं विस्फोटक एवं हिंसक घटनाये होने का भय है ! सीमाओ पर शत्रु के सेनिक गतिविधिया बढ़ेगी !

चन्द्र मार्गशीर्ष मास ( 18 नव . से  17 दिस .) के मध्य पाँच सोमवार तथा पाँच मंगलवर समाविष्ट होने से देश में धान्यदि की फसले अच्छी होने के संकेत है ! जनसंख्या में वृदि तथा उच्चवर्ग के लिए सुख -साधन व मनोरंजन के साधन बढ़ेगे ! 5 मंगलवार होने से देश के किसी प्रमुख नेता के लिए असुभकारी होंगे ! पाक -चीनादि विरोधी देशो के साथ टकराव के होने के संकेत  है ! केंद्रीय मंत्री मंडल में अथवा किसी प्रान्त में सत्ता परिवर्तन होने के योग है ! आवशक वस्तुओ में ज़बरदस्त तेज़ी के कारण प्रजा में आक्रोश एवं गहन असंतोष होगा ! 15 दिस . को रविवार की संक्रांति भी देश के प्रमुख प्रधान के लिए अशुभ होगी !

 

ENGLISH VERSION -

From 1 Jan and 27 jan there are five Saturn (Saturday) and  five Sunday, due to this there will be an increase in the prices of grains and items of daily consumption which will grow anger fear and unrest among people.  Prevalence of the diseases will be high at some places in the world. We shall see more mass movement, communal riots and violent events.

From the beginning and till the end of the year, Saturn (which is also swami of India's Capricorn ) and yoga of rahu will remain.  As the effects of this there will be constant change in India's political equations. Violent events and war-like conditions will develop.

From 26 Feb  to 27 March (Falgun month) -There are five Tuesdays in this month due to which there will be  communal conflict, conflagration, political conflicts in the country .Chances of significant changes in the politics are high, which might be unlucky for the country.

28 March  to 25 April- During this period there are five Thursdays which increase chances of violence, terror and violence in some parts of the country such as -- Assam, Kashmir, Uttar Pradesh, NE - Orissa, Gujarat etc.  There will be powerful mass movements against corruption, inflation and the effects will be seen on the government. Chances of terror and explosive events are high around Syria, western and European countries

April 13, Vaishakh Sakranti which falls on a Saturday indicates very high prices of all types of grains. People will suffer from diseases. There will be collusion between politicians and the people which may lead to war-like conditions.

On 25 April there will be partial eclipse of moon will make eatable things costlier.

From April 28 to 4 May -  Due to influence of Sun, Jupitor, Mars and Ketu on Aries and subsequently from 5 May to 12 May combination of four planets on Aries will be unlucky for multiple regions in the country like U. P and for a ruling political leader. Fear of internal and external enemies will remain for the country.

Between 12 April and 22 May- Saturn and mars are making samsaptak yoga.  Between May 14 to May 27 Chaturgrhi yoga will occur in Taurus will make  political situation in this period tough and unstable. There will be very slow growth for  improvement processes and policies in the country.

May 26 to  23 June  -  Five Sundays fall on Jyeshth month which indicates conditions like lack of food, and excessive inflation in the country. Major changes in the politics are foreseen. Due to political uncertainty, fear and terror will remain high among people.

April 13 to May 22  - Due to Saturn  - Mars samsaptak yoga and from 23 May to 4 July  - Shadashtak yoga indicates nuisance, violent and explosive events in border regions of the country and Uttar Pradesh,  Madhya Pradesh, Delhi - Orissa, Assam, Jammu - Kashmir etc.

From early June Jupiter with retrograde movement will enter into Gemini and Saturn retrograde in Libra.Consequently due to heavy rains in June-July there will be floods, public will suffer from  and damage/loss of money and infrastructure whereas in some regions there will be less rainfall and shortage of food will occur. Year is inauspicious for ruling politician in the country. There will be some changes in the cabinet.

July 23 to August 31- Five Tuesdays between this period are not favourable for the social and political environment. Death of a prominent leader and changes in the government are foreseen. Amavasya on tuesday (August 6) is also not auspicious.  Politically, the situation will become uncertain.

 Between August 18 and  4 october Due to the placement of Mars in the Cancer , all kinds of  food will be more expensive. Cow, Buffalos, feed etc. must be expensive. Due to malefic effect of Mars on Saturn, there will be  confrontation with neighbour countries China and Pakistan which will create  tension in relationships of these countries. Army activities will increase during this time.  The timing would be particularly disturbing for government.

On October 17 the Sun enters Libra and will meet Saturn and Rahu. This yoga is not good for crops.  Poverty will increase. Storage of food will be beneficial in this time .This yoga will be beneficial for astrologers.

19 October to 17 November - There are  five Saturdays and 5 Sundays in this period  - which indicates  bizarre type of disease.  Chances of mass - movement and fear of communal riots and explosive and violent events will remain.  There will be more army activities on the border by enemies.

18 Nov to 17  Dec.  five Mondays and five Tuesdays fall between this period which is a good sign for sme crops. There will be an increase in population and means of entertainment and increase in amenities for high class people. 5 Tuesdays are not auspicious for key leaders of the country. Signs of confrontations with Pakistan or China are very high. Major changes in the power/ruling government for some states are indicated. Prices of daily useable commodities will increase which will cause tremendous outrage and deep resentment among the people of the country. Dec. 15. Sankranti will be unlucky for the country's ruling politician.