India in 2014

​नया प्लवंग नामक सम्वत होने से अधिकांश मुस्लिम बाहुल्य देश कपटपूर्ण राजनीति का आचरण करेगें . सीमावर्ती क्षेत्रों में पाकिस्तान ,चीन आदि देश भारतीय सीमाओं का अतिक्रमण करके भारतीय हितों को हानि पहुँचाने की फिराक में रहेगे . राजा और मंत्री के दोनों अद्किकर केवल चन्द्रमा को प्राप्त होने से समाज में भ्रष्टाचार ,चोरी ,ठगी ,बेईमानी ,लूटमार एवं हिंसक घटनाएँ अधिक होंगी . आवश्यक वस्तुओं के मूल्यों में जबर्दस्त तेजी होने से सामान्य लोगों में आक्रोश एवं परेशानियाँ बढेगी .
 
जगत् लग्न कुण्डली में ग्रह स्थिति के अनुसार विश्व एवं भारत का राजनीतिक वातावरण विक्षुब्ध एवं संघर्षपूर्ण रहेगा . अमरीका सहित अन्य देशों ,जैसे पाकिस्तान ,भारत , अफगानिस्तान ,मिश्र ,सीरिया ,ईराक आदि देशों में आंतकी कार्यवाही या दुर्घटना से जन- धन सम्पदा आदि की हानि होने के योग है. अमेरिका ,कैनेडा, ब्रिटेन ,फ्रांस ,इटली आदि योरोपीय देशों की तुलना भारत मुद्रा स्फीति एवं अवमूल्यन के कारण आर्थिक मंदी का माहौल बनेगा  .
भारत में भावी लोकसभा चुनावों में किसी एक पार्टी को स्पष्ट बहुमत प्राप्त नही होगा . राजनैतिक अस्थिरता एवं गतिरोध पैदा होगे . यु .पी.ऐ . और एन .डी .ऐ दोनों पार्टियों द्वारा नए गठजोड़ और समीकरण बनाए जाएँगे . केन्द्र में अप्रत्याशित रूप से नया नेतृत्व अस्तित्व में आएगा . महंगाई ,भ्रष्टाचार ,कानून  व अर्थव्यवस्था की गिरती एवं शोचनीय स्थितियों के कारण यू .पी . ए . सरकार की प्रतिष्ठा को गहरा धक्का पहुंचेगा. तीसरे मोर्चे की सहायता से पुनः गठ्बन्धन सरकार के केन्द्रिय सत्ता में आने के योग है .
 
अलग तेंलगाना राज्य की घोषणा के बाद देश के विभिन्न प्रदेशों में अलग राज्यों की मागें प्रचण्ड उग्र रूप धारण कर लेगीं . जैसे गोरखालैंड ,बोदोलैंड ,विदर्भ लैंड , पूर्वांचल  ,बुन्देलखण्ड आदि . पृथक राज्यों की मांगो की पूर्ति करना केन्द्रिय सत्ता सरकार के लिए विकट चुनौतिपूर्ण एवं कठिन कार्य होगा . कई स्थानों पर उपद्रव ,उग्र जनांदोलन व हिंसा की घटनाएँ घटित होंगी . नई केन्द्रिय सरकार के लिए भी अग्नि परीक्षा का समय होगा .
 
१५फर . से १६ मार्च तक  पांच शनिवार और पांच रविवार तथा ४ फर. २४ मार्च के मध्य मंगल शनि का योग होने से किसी प्रमुख नेता के लिए अशुभ संकेत है . कही सता परिवर्तन एवं कही हिंसक घटनाएँ घटित होने के योग है .
जून जुलाई में कर्क राशिस्थ गुरु अतिचारी हो रहा है तथा शनि पहले से वक्री होने से सतारुढ प्रमुख नेता के लिए हानिकारक स्थिति होगी . देश की सीमाओं पर विस्फोटक घटनाएँ सता परिवर्तन के योग है . उतराखंड ,हिमाचल और उत्तर प्रदेश आदि में बाढ के प्रकोप से जन ,धन और सम्पदा आदि की क्षति होने के संकेत है .
 
१४ जून से ९ सितम्बर तक अर्थात आषाढ़ ,श्रावण ,भाद्रपद में क्रमशः पांच शनि ,पांच रवि और पांच मंगलवार होने से खप्पर योग बनता है इसके अनिष्टकर प्रभाव स्वरूप देश में सता परिवर्तन या किसी प्रमुख नेता के अपदस्थ होने के संकेत है .
 
६७वे  स्वन्त्रत भारत की कुंडली के अनुसार आगामी पांच राज्यों के विधानसभों चुनावों में भाजपा तथा कांग्रेस में कांटे की टक्कर के बावजूद भाजपा की स्थिति बेहतर होगी  .
 
मार्गशीर्ष से माघ मास के मध्य ( ७ नवं .  से फर. २०१५ ई .) पुनः खप्पर योग होने से देश के उतर पश्चिम भागों में आतकी एवं हिंसक घटने होने के योग है . सता परिवर्तन के भी योग है .


English Version - 

Because of new Plavang Samvat this year, most of the Muslim countries will conduct fraudulent politics. In the border areas, countries China and Pakistan will continue to look for an opportunity for violation of Indian boundaries in order to harm India's interest. This year Moon has give the rights to both king and minister because of which there will be an increase in corruption, theft, fraud, cheating, stealing and violent incidents in society. The boom in the price of essential commodities will give rise to rage and tensions in the common people.
 
As per the position of planets in the World Ascendant Chart, both -  India and rest of world will experience tough and turbulent political environment. In USA and other countries, such as Pakistan, India, Afghanistan, Egypt, Syria, Iraq, there may be loss of people and wealth  etc because of terrorist actions or accidents. Compared to USA, Canada, UK, France, Italy and other European countries, in India there will be an atmosphere of economic recession because of currency inflation and devaluation.
 
In the upcoming elections of Lok Sabha in India, no party will get apparent majority. There will be instability and deadlock situation in politics.  Both UPA and NDA parties will create new alliances and alignments . Unexpectedly new leadership will come into existence in the center. Inflation, corruption, low and deplorable conditions of law and economy will deeply hurt the reputation of UPA government. With the support of Third Front Party, the alliance government have the possibility regain the central authority.
 
After the announcement of Telangana as a different state, the demand of various other regions of the country for different states such as Gorkhaland, Bodoland, Vidarbha Land, Purvanchal, Bundelkhand etc. will turn out to be violent and intensified. To fulfill the demands of separate states would be challenging and difficult task for the central government authority. Nuisance and  incidents of militant mass mobilization and violence will take place in many places. This time will be an ordeal for new central government as well.

From 15 February to 16 march there will be 5 Saturdays and 5 Sundays. In mid of period from 4th Feb to 24th March, there will be conjunction of Mars and Saturn indicating ominous sign for some prominent leader. At one place change in government may take place while at the other violent incidents may occur.

In June-July, Jupiter is trespassing onto Cancer while Saturn will also be in retrograde position compared to its earlier position, the ruling position of prominent leader will be detrimental. There may be explosive events on the borders of the country and the power may change at some places. There are signs of damage to people, wealth and property etc. due to mass outbreak of floods in Uttarakhand, Himachal Pradesh and Uttar Pradesh.

From 14 June to 09 September, i.e. in order of Aashaadh, Shraavan and Bhadrapad, on account of having 5 Sundays, 5 Saturdays and 5 Tuesdays, there will exist Khappar Yog. The malign influence of this Yog indicates the change of power and overthrow of any prominent leader.
 
According to the horoscope of 67th Independent India, in the forthcoming Vidhansabha elections in five states, the condition of BJP will be better off despite of the tight race between BJP and the Congress party.
 
 In mid of Margashirsha and Magh month (7 November to February 2015) on account of having Khappar Yog again, there may be terror attacks and violent incidents in the northwestern part of the country. Change of power may also take place.